कोरोना वायरस के कारण हुआ 21 दिन का लॉक डाउन






लोक डाउन से पूरी दुनिया थमी हुई है यह जानते हुए भी की सबकी आर्थिक परिस्थिति बिगड़ने वाली है लेकिन पैसा इकोनामी या दुनिया की कोई भी चीज इंसान की जान से बड़ी नहीं है लेकिन इस लॉक डाउन के इफेक्ट क्या हो रहे हैं और आगे क्या होने वाले हैं यह भी हमें पता होना जरूरी है


ताकि लॉक डाउन के बाद हमें क्या करना है और क्या नहीं करना है उसमैं हम क्लियर रहें आइए जानते हैं शुरू करते हैं आज की बातें हमारे देश के लोगों ने लॉक डाउन को बहुत अच्छा सपोर्ट दिया हैं

अब लगता है कहीं ना कहीं पर की इस बीमारी के सामने हम जरूर जीत जाएंगे लेकिन एक बात है जो बार-बार परेशान कर रही है हॉट कर रही है जितनी भी रिच फैमिलीस हैं मिडल क्लास फैमिली है लो मैं मिडिल क्लास फैमिली हैं वह अपने घर में अभी सेफ हैं

उनके पास सामान भी है सरवाइव कर लेंगे लेकिन जो बिहार से झारखंड से यूपी से पुणे से ऐसे अलग-अलग स्टेट से बिलॉन्ग करते हैं और वह दूसरे स्टेट में जाकर नौकरी कर रहे हैं वह लोग बुरी तरह से फंस गए हैं

क्योंकि काम बंद है तो उनको काम से निकाल दिया गया है अ अब यह लोग जाएंगे  कहां मतलब देश में लॉक डाउन है यार उसमें से कुछ लोगों के पास घर झोपड़ी वगैरा है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके पास कुछ नहीं है वह लोग वहीं पर रहते थे जहां पर वह काम करते थे

अब कोई बस या ट्रेन  तो चालू है नहीं तो यह लोग 300 400  किलोमीटर दूर अपने बच्चे को कंधे पर बिठाकर चलने को तैयार हैं घर तक अब पुलिस रोक रही है पुलिस भी अपना काम कर रही है उनकी भी कोई गलती नहीं है गवर्नमेंट भी अपना काम कर रही है उनकी भी कोई गलती नहीं है

लेकिन इन लोगों की भी कोई गलती नहीं है तो जहां जहां पर यह सब लोग काम कर रहे हैं उनसे रिक्वेस्ट है कि उन लोगों को निकालो मत यार  हो सकता है कि आपके बिजनेस मैं अभी इन लोगों से कोई फायदा नहीं हो रहा है

लेकिन उन लोगों को निकालो मत यार क्योंकि यही वक्त है इंसानियत की मदद करने का इंसान को बचाने का उन्हें सहारा दो प्लीज और आज तक आपके लिए बहुत काम किया है इन्होंने तो ऐसे बुरे वक्त में ऐसे रोड पर अकेला मत छोड़ दो उनको

और कुछ लोग ऐसे भी हैं के नहीं निकालने के बावजूद भी खुद को निकाल के घर जाना चाहते हैं  क्योंकि उनको लगता है कि अब सब खत्म होने वाला है



ऐसा नहीं है उनसे मेरी रिक्वेस्ट है कि आप जहां पर हो वहीं पर रहोगे तो ज्यादा सेफ रहोगे कुछ लोग 4-4 5-5 दिन से ट्रेन की पटरी पर रह रहे हैं उनमें से कुछ छोटे-छोटे बच्चे हैं औरतें हैं पुलिस के मारते हुए वीडियोस बहुत वायरल हो रहे हैं


लेकिन पुलिस ऐसे लोगों को मदद भी कर रही है फूड पैकेट्स दे रही है खाना दे रही है ऐसी वीडियोस भी बहुत है थोड़ा इनको भी शेयर करो यार इतना भी नेगेटिव इमेज मत बना दो पुलिस का वह लोग बहुत हेल्प कर रहे हैं दोनों चीजों को बैलेंस कर  रहे हैं

लेकिन अगर आपके घर के पास अगर ऐसे लोग आकर ठहरे हैं तो प्लीज खाना दे देना यार उनको वहां से निकालना मत दूसरा बड़ा नेगेटिव इफ़ेक्ट यह हुआ है की दुनिया घर की ऑयल कंपनीज को सबसे ज्यादा लॉस हुआ है

सबसे ज्यादा मुसीबत में है जिस का इफेक्ट पूरी दुनिया के इकोनामी पर पड सकता है और पड़ेगा पूरा चीन टूट गया कैसे समझाता हूं पूरी दुनिया अभी घर पर हैं लोड शारे सुनसान पढ़े है पेट्रोल डीजल की डिमांड ऑल मोस्ट जीरो है

किसी को पेट्रोल डीजल की गैस की जरूरत अभी नहीं है तो पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन अभी सुनसान बड़े हैं तो ऐसी कंपनीस ने प्रोडक्शन कंपनी से स्टॉक लेना बंद कर दिया है उनके पास ऑल रेडी इतना सारा स्टॉक पड़ा हुआ है

लेकिन सामने प्रोडक्शन कंपनीस ने प्रोडक्शन बंद नहीं किया जिसका रिजल्ट यह हुआ कि अब उनके पास रो मटेरियल पेट्रोल डीजल गैस यह सब रखने की जगह ही नहीं है इतना ज्यादा स्टॉक इकट्ठा हो जाने की वजह से हो सकता है

की पेट्रोल डीजल गैस इन सब के भाव जमीन पर आ जाएं इनका एक दिन का अरबों खरबों का काम होता  हैं और इतने दिन का लॉक डॉन मतलब आप हिसाब लगा लो सुनने में थोड़ा सा अच्छा लगता है के भाव बहुत ही गिर जाएंगे

लेकिन असल में उसको इफेक्ट बहुत ही नुकसान करने वाला है कुछ नेगेटिव इफेक्ट ऐसे हैं जो मिस  कम्युनिकेशन होने की वजह से सही इंफॉर्मेशन ना होने की वजह से अलग-अलग इंफॉर्मेशन होने की वजह से और समझदारी ना रखने की वजह से हो रहे हैं

 कुछ लोगों को अभी भी क्लियर नहीं है कि क्या लाभ है कि क्या अलाउ है क्या अलाउ नहीं है किस काम के लिए आप बाहर जा सकते हो किस काम के लिए आप बाहर नहीं जा सकते हो वह लोग निकलते हैं यह मानते हुए कि इस काम के लिए तो मैं निकल सकता हूं

लेकिन पुलिस मिलती है पुलिस कहते हैं कि आप इस काम के लिए नहीं निकाल सकते हो बहस होती है और फिर पिटाई हो जाती है पुलिस वाले अपनी जगह पर सही होते हैं क्योंकि पूरे दिन वह लोग ऐसे फालतू के जो लोग आते हैं चक्कर लगाने के लिए घूमने के लिए वैसे ही उनका दिमाग खराब रहता है

ऐसे में सही आदमी भी कभी-कभी चपेट में आ जाते हैं कुछ काम ऐसे हैं जो हम समझदारी नहीं रखते हैं मतलब जो टाइम दिया गया है कि आप 12:00 बजे तक मार्केट में आ सकते हो अरे आप सामान खरीदने के लिए आ सकते हो घूमने के लिए नहीं कुछ लोग कहते हैं कि हम 12:00 बजे  से पहले ही आए हैं ना निकल तो सकते हैं



मतलब अब इतना भी डिटेल में समझाना पड़ेगा क्या कि निकल सकते हो कोई एक बंदा निकल सकते हो सामान खरीदने के लिए पूरी फैमिली नहीं निकल सकते हो शॉपिंग करने के लिए भले ही दुकानें खुली हुई है वह दुकान सिर्फ जरूरत के  सामान के लिए खुली है शॉपिंग करने के लिए नहीं खुली हैं




तो कुछ कुछ चीजें हैं जहां पर हमें समझदारी रखनी पड़ेगी और अगर 12:00 बजे तक के लिए दुकानें खुली हैं तो फिर सारे एक साथ ही चले जाते हैं तो दुकान के अंदर भी लग जाती है और पूरा दिन लोग डाउन होता  हैं क्या मतलब हुआ इसका सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब क्या होता है


एक दूसरे से दूरी बनाए रखना भीड़ ना लगाना तो यहां पर हमें समझदारी की जरूरत है



अब बात करते हैं पॉजिटिव इफेक्टस की पोलूशन भारी मात्रा में कम हो गया है जितना कि हम चाह कर भी कम नहीं कर पाते फैक्ट्रीज खाली है रोड खाली हैं तो पॉल्यूशन ने भी लॉक डॉन का पालन करना शुरू कर दिया है


रुक सा गया है सब कुछ आपको पता है इंडिया में 1 दिन में एक्सीडेंट से मरने वाले लोगों की संख्या कितनी है 400 से सवाचार सौ के आसपास हम  इतनी जाने तो वैसे ही बचा रहे हैं यार यह तो करुणा से भी बड़ा आंकड़ा है

तो पूरी दुनिया में सोचो एक्सीडेंट से मरने वाले कितने लोग थे उन सबकी जान तो वैसे ही बच रही है और एक पॉजिटिव इफेक्ट यह देखने को मिल रहा है की इस टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोग जितना करीब आए थे उतना ही एक दूसरे से दूर हो गए थे हमारे पास मीलों दूर बैठे लोगों से चैट करने के लिए वकक्त होता था मगर अपने फैमिली के लिए हमारे पास 2 मिनट का वकक्त ही नहीं होता था

काम धंधे में लोग इतना उलझे हुए थे कि अपने मां-बाप से  बात करने तक  का वक्त नहीं होता था  और लेकिन अब देखो सब लोग पूरा परिवार एक छत के नीचे बंद है क्या गजब का  टाशक है कोई घर के बाहर  जा नहीं  सकता चाह कर भी जा नहीं सकता बाहर से  किसी को चाह कर भी अंदर घुसा नहीं सकते जितना सामान है उतने में ही दिन काटना है एक दूसरे का ख्याल रखना है

देखना इस लॉक डाउन के बाद इस सिचुएशन का भी बहुत फायदा होने वाला है लोग एक दूसरे को समझने लगेंगे आरिफ पॉजिटिव इफेक्ट वर्क फ्रॉम होम का कलचर ऐसा हमारे देश में इतना ज्यादा है नहीं लोगों को इतनी आदत है नहीं लेकिन अभी लोग काम कर रहे हैं वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं

तो हो सकता है कि लोग डॉन के बाद कुछ लोगों को यह सिस्टम हो जाए पसंद आ जाए उसके बाद वह लोग रेगुलरली काम करना शुरू कर देंगे तो इंडिया के बाहर से भी इंडिया में रोजगार आएगा पैसा आएगा तो रोजगार का बजन है हमारे देश पर थोड़ा बहुत कम हो सकता है

क्योंकि लोग तब रोजगार ढूंढना नहीं पैदा करना सीख चुके होंगे और सबसे बड़ा इफेक्ट यह होने वाला है इस लॉक डाउन से कि हम इस कोरोनावायरस जैसी बीमारी से जीत जाएंगे
इसलिए आप सब से हाथ जोड़कर विनती है कि अपने घरों में रहै आपका और आपके परिवार का और इस पूरी दुनिया का फायदा है इसमें

हां इकोनामी डाउन जाएगी तो हम लोग फिर से मेहनत करके देश को ऊपर ला सकते हैं लेकिन उसके लिए जिंदा रहना तो जरूरी है तो आप सब प्लीज अपने घरों में रहे


प्लीज इसे पूरा पढ़िए पढ़ने के बाद कैसा लगा फायदेमंद था या नहीं कमेंट करके जरूर बताइएगा प्लीज सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा 




कोरोना वायरस के कारण हुआ 21 दिन का लॉक डाउन  कोरोना वायरस के कारण हुआ 21 दिन का लॉक  डाउन Reviewed by Shubham Thakur on मार्च 29, 2020 Rating: 5

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